नई दिल्ली: भारत सरकार का दूरसंचार विभाग (DoT) भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की परिसंपत्तियों के दस्तावेज़ीकरण (म्यूटेशन) प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दे रहा है। इसके तहत, दूरसंचार विभाग ने BSNL को 5,029 भूमि पार्सलों के दाखिल-खारिज (Mutation) में उचित परिश्रम करने को कहा है।
यह कदम उस समय आया है जब केंद्र सरकार BSNL और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण (Asset Monetization) को तेज करने की योजना बना रही है।
सरकार की मंशा और BSNL को निर्देश
दूरसंचार मंत्रालय ने BSNL के चेयरमैन रॉबर्ट जे रवि को एक पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि इन 5,029 भूखंडों के स्वामित्व को BSNL के नाम पर स्थानांतरित करने में कोई बाधा नहीं है। यह संपत्तियां वर्तमान में भारत सरकार, राष्ट्रपति या दूरसंचार विभाग के नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन वास्तव में BSNL के कब्जे में हैं।
सरकार ने BSNL से कहा है कि वह स्टाम्प ड्यूटी की प्रयोज्यता के लिए स्टाम्प अधिनियम की गहराई से जांच करे। यदि किसी संपत्ति पर स्टाम्प ड्यूटी लागू होती है, तो उसे आकस्मिक व्यय मानकर BSNL को ही इसका भुगतान करना होगा।
BSNL और MTNL की संपत्ति मुद्रीकरण योजना
मई 2023 में, दूरसंचार विभाग ने एक संसदीय समिति को बताया था कि निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने BSNL की 18,200 करोड़ रुपये की संपत्ति और MTNL की 5,158 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मुद्रीकरण को मंजूरी दी थी।
2019 में, जब केंद्र सरकार ने BSNL और MTNL के लिए 69,000 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज की घोषणा की थी, तब यह स्पष्ट किया गया था कि दोनों कंपनियां अपनी संपत्तियों को बेचकर या लीज पर देकर वित्तीय संकट से उबरने और अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए धन जुटाएंगी।
क्या होगा अगला कदम?
BSNL को अब इस प्रक्रिया में तेजी लाकर संपत्तियों का म्यूटेशन पूरा करना होगा, ताकि सरकार की संपत्ति मुद्रीकरण योजना आगे बढ़ सके। इसके तहत, BSNL को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई कानूनी या वित्तीय अड़चन न आए और प्रक्रिया जल्द पूरी हो।
सरकार के इस फैसले से BSNL को अपने वित्तीय ढांचे को सुधारने में मदद मिलेगी और टेलीकॉम सेक्टर में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।
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निष्कर्ष:
दूरसंचार विभाग के इस निर्देश के बाद BSNL के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वह अपनी संपत्तियों के कानूनी अधिकार सुनिश्चित करे और भविष्य में निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करे। यह न केवल BSNL के पुनरुद्धार में मदद करेगा, बल्कि भारत के दूरसंचार क्षेत्र में भी एक सकारात्मक संकेत देगा।
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